101 – राम भक्त गोपाल

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🚩 आज १०१ वा दिन 🚩
३० जनवरी २०२०
गुरुवार

देखिए आप पहले क्रिमनोलोजी समझिएः
१) पहले मोदी बोला कपड़ों से पहचानता हूं,
२) फिर शाह ने बोला टुकड़ा टुकड़ा गैंग को सबक़ सिखाऐंगे,
३) फिर जमूरे बोला गोली मारो सालो को,
४) एक और जमूरा बोला लातों के भूत बातो से नहीं मानते।
५) तब #गोपाल_हिंदुत्वआतंकवादी पिस्तौल लेकर गोली चलाने पहुंच गया।

कहानी एक :
गांधी निहत्था था। भीड़ में नत्थूराम आया। और गांधी को गोली मारी।

कहानी दो :
जामिया के विद्यार्थी निहत्थे थे। गोपाल भीड़ में आया। बंदूक लहराई और गोली मारी।

कहानी तीन:
शम्बूक एक शुद्र(ओबीसी) था और तप कर रहा था। शुद्र का तप करना पाप है। इसलिए राम शम्बूक के पास गया और तप कर रहे, निहत्थे शंबूक का, तलवार से उसका गला काट दीया। (तलवार से इसलिए क्योंकि तब अंग्रेजोने बंदूक का आविष्कार नही किया था।)

तीनो कहानियो से हमे ये पता चलता है कि,

  • हिंदु निहत्थों पे हमले करने में माहिर है।
  • हत्या को वध कहना, इनकी संस्कृति है।
  • हिंदु बातचीत में विस्वास नही रखते है।
  • ५००० साल से जातिवाद चलनेवाले नीच लोग राम जैसो की ही पूजा करते है। और आशाराम, राम रहीम, नत्थूराम, गोडशे और लेटेस्ट में अमित शाह भक्त मोरारी बापू जैसे लोग पैदा होते रहते है।

हिंदु धर्म ग्रंथ मानवता विरोधी है।

भागवत गीता सिर्फ और सिर्फ अर्जुन को युद्ध के लिए उकसाने के लिए प्रवचन के अलावा और कुछ नही है। एक बार पढ़के देखो।

हिन्दुओ का इतिहास युद्धो का इतिहास है। इन्होंने किसी को समजाने, कन्वर्ट करने के बजाय, वध ही किए है। ये संकुचित मानसिकतावाले लोगो का जुण्ड है। दुनिया का शायद ही ऐसा कोई धर्म होगा जो युद्ध पे इतना जोर देता होगा। हत्याओ पे इतना जोर देता होगा।

हिंदु धर्म नही अधर्म है।
समता, न्याय, एकता, बंधुता के खिलाफ है। भारत के संविधान के खिलाफ है।

जबतक हिंदु अधर्म नष्ट नही होगा। दुनिया के इस भूभाग में शांति कभी नही आ सकती।

कौशिक शरुआत

“जिग्नेश मेवानी अलग अलग चुनावो में अलग अलग पार्टियो में दलितों के वोट क्यो डलवाते है?”

वह भी ऐसी हिंसक हिन्दुओ की पार्टी में? दलितों का इसमे क्या भला होगा?

Sharuaat

સેંકડો યુવાનો છે જે ખરેખર પરિવર્તનનું કામ કરી રહ્યા છે અથવા તો આ વ્યવસ્થાને બદલવા રસ્તો શોધી રહ્યા છે. આવા યુવાદીપકો થકી બીજા યુવાઓને જગાડવા છે, ભ્રષ્ટ વ્યવસ્થા સામે લડતા કરવા છે. સાથે સાથે જે યુવાનોને યોગ્ય પ્લેટફોર્મ નથી મળી રહ્યું તેમને પણ મદદ કરવી એવો અમારો આશય છે. રાજકીય, સામાજિક, કળા, સાહિત્ય, IT, સોસીઅલ મીડિયા, વિજ્ઞાન, સંશોધન, વિગેરે એમ દરેક ક્ષેત્રમાં, યુવાનો માટે જે અગણિત સંભાવનાઓ છુપાયેલી છે, એ તેમને આ મેગેઝીનના માધ્યમથી તેમના હાથની હથેળી સુધી પહોંચાડવી છે. આ આર્ટીકલ વિષે તમારા પ્રતિભાવો કોમેન્ટમાં જરૂરથી લખજો. જય ભારત યુવા ભારત યુવાશક્તિ ઝીંદાબાદ કૌશિક પરમાર સંપાદક ૮૧૪૧૧૯૧૩૧૧

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