मोदी सरकारने दलित, आदिवासी और ओबीसी को बेवकूफ कैसे बनाया?

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मोदी सरकारने दलित, आदिवासी और ओबीसी को बेवकूफ कैसे बनाया?

आओ समझते है।
1. 200 पॉइंट आरक्षण के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई।
2. मोदी सरकारने मजबूती से आरक्षण का पक्ष नही रखा।
3. सुप्रीम कोर्टने 13 पॉइंट रोस्टर का फैसला सुनाया।
4. इस 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ मोदी सरकारने पुरन्त अपील नही की।
5. 13 पॉइंट आरक्षण के हिसाब से कई भर्तियां जारी हुई।
6. SC, ST, OBC ने 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ पूरे देश मे आंदोलन किया।
7. आंदोलन देख मोदी सरकारने सुप्रीम कोर्ट में देरी से अपील की।
8. सुप्रीम कोर्टने उस अपील को खारिज कर दिया।
9. इस 5 मार्च को पूरे देश मे 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ आंदोलन हुआ।
10. आंदोलन देख मोदी सरकारने 7 मार्च को अध्यादेश लाने का फैसला लिया।

गौर तलब है कि अभी फैसला किया है। अध्यादेश लेकर नही आए है।

अब सवर्ण आरक्षण के बारे में मोदी सरकार कक रवैया देखिए। महज तीन दिन में लोकसभा, राज्यसभा में पारित करके 10% सवर्ण आरक्षण को कानून बना दिया।

यानी सवर्णो के लिए मोदी सरकार जो तत्परता दिखाती है, वही तत्परता दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए नही दिखाती।

अब मोदी सरकार का अध्यादेश का गणित भी समजीए।
अध्यादेश सिर्फ 6 महीनों के लिए वैद्य है।
SC ST Act के लिए जो अध्यादेश मोदी सरकार लाई है, वह भी सिर्फ 6 महीने के लिए ही वैद्य है।
यानी, चुनाव जीतने के बाद उस अध्यादेश को बढ़ाया जाएगा या दोनो सदन में पास करके 10% सवर्ण आरक्षण की तरह कानून बनाया जाएगा, ऐसा प्रतीत नही होता।

क्या नरेंद्र मोदी पे भरोसा करना चाहिए?
पिछले 5 साल के कार्यकाल में सेना के जवान OROP, तमिलनाडु के किसान, शिक्षक, विद्यार्थियो के भर्ती गोटालो के खिलाफ आंदोलन, दलित आदिवासी ओबिसी के आरक्षण को लेकर आंदोलन, SC ST ACT को लेकर आंदोलन और अभी ताजा ताजा आदिवासियो का जंगल से बेदखल करनेवाले सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के खिलाफ आंदोलनों को मोदी सरकारने कभी भी तवज्जो नही दी है। बहुत ही असंवेदनहीन तरीके से भारत की जनता की भावनाओ को दरकिनार कर दिया है।

तो मोदी सरकार से वंचित, शोषित समाज का भले होने की उम्मीद करना, अपने खाते में 15 लाख आने की उम्मीद करने के बराबर है।

जय भारत
कौशिक शरुआत

Sharuaat

સેંકડો યુવાનો છે જે ખરેખર પરિવર્તનનું કામ કરી રહ્યા છે અથવા તો આ વ્યવસ્થાને બદલવા રસ્તો શોધી રહ્યા છે. આવા યુવાદીપકો થકી બીજા યુવાઓને જગાડવા છે, ભ્રષ્ટ વ્યવસ્થા સામે લડતા કરવા છે. સાથે સાથે જે યુવાનોને યોગ્ય પ્લેટફોર્મ નથી મળી રહ્યું તેમને પણ મદદ કરવી એવો અમારો આશય છે. રાજકીય, સામાજિક, કળા, સાહિત્ય, IT, સોસીઅલ મીડિયા, વિજ્ઞાન, સંશોધન, વિગેરે એમ દરેક ક્ષેત્રમાં, યુવાનો માટે જે અગણિત સંભાવનાઓ છુપાયેલી છે, એ તેમને આ મેગેઝીનના માધ્યમથી તેમના હાથની હથેળી સુધી પહોંચાડવી છે. આ આર્ટીકલ વિષે તમારા પ્રતિભાવો કોમેન્ટમાં જરૂરથી લખજો. જય ભારત યુવા ભારત યુવાશક્તિ ઝીંદાબાદ કૌશિક પરમાર સંપાદક ૮૧૪૧૧૯૧૩૧૧

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