इतिहास | स्वामी विवेकानंद और आर्यन थ्योरी

आर्य नस्ल मे तीन जातिया है (ब्राह्मण , क्षत्रीय और वैश्य) बाकी के सभी के लिए एक नाम है “शुद्र” – जिसकी कोइ जाति नही है, वो आर्य नहीं है। इस आर्य खेमे के बहार के विद्रोह को रोकने के लिए ब्राह्मणो ने अपनी पुरी ताकात को आजमाया था। आर्य खेमे के अंदर भी भयंकर विद्रोह था, और वो सब विद्रोह प्रमुख रुप से लडाकु जातिओ (क्षत्रीयों) के द्वारा उठ रहा था।